क्यूँ हमारे धार्मिक ग्रंथों में पूजन विधि में कहीं भी ‘अगरबत्ती’ का उल्लेख नहीं मिलता? हम अक्सर शुभ अवसर जैसे हवन, पूजा-पाठ और अशुभ दाह संस्कार आदि