शुक्राचार्य दैत्यों के गुरु थे। उनकी पुत्री का नाम था देवयानी, जिससे वो संसार में सबसे अधिक प्रेम करते थे। शुक्राचार्य का शिष्य था दैत्यराज वृषपर्वा,