इसके अतिरिक्त विभिन्न पुराणों ,अन्य बौद्ध ग्रंथों ,काव्यो में सरयू अंकित है ।
•चन्द्रगुप्त के समकालीन मेगास्थनीज ने भी सरयू का उल्लेख किया है।
सरयू की व्युतपत्ति -
सरयू संस्कृत के ' सर् ' धातु से आया है जिसका मूलभूत अर्थ है - प्रवाह ,तरल,बहाव ।
सरयू का अर्थ हवा,बहाव से है ।
•चन्द्रगुप्त के समकालीन मेगास्थनीज ने भी सरयू का उल्लेख किया है।
सरयू की व्युतपत्ति -
सरयू संस्कृत के ' सर् ' धातु से आया है जिसका मूलभूत अर्थ है - प्रवाह ,तरल,बहाव ।
सरयू का अर्थ हवा,बहाव से है ।
पौराणिक मान्यता में- सरयू की उत्पत्ति ब्रह्मसर से होने के कारण इसका नाम सरयू या (शरयू) पड़ा है।
दोस्तों-
मनगढ़ंत इतिहास से जातिगत विद्वेष उत्त्पन्न करना ही इनका मूल उद्देश्य है ।
इन अज्ञानियो को बौद्ध दर्शन,ग्रंथ का भी ज्ञान नहीं है।
!! नमो बुद्धाय !!
दोस्तों-
मनगढ़ंत इतिहास से जातिगत विद्वेष उत्त्पन्न करना ही इनका मूल उद्देश्य है ।
इन अज्ञानियो को बौद्ध दर्शन,ग्रंथ का भी ज्ञान नहीं है।
!! नमो बुद्धाय !!
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