-- Hindu Expansionist Vision --
विश्व कल्याण के लिए हिंदू धर्म को मैदान में उतरना नहीं , मैदान पर अधिकार करना होगा ।।
#FreeTemples is NOT enough
स्वतंत्र मंदिर नहीं , परमसशक्त मंदिर चाहिए !
पूरा थ्रेड ध्यान से पढ़िएगा ।।
विश्व कल्याण के लिए हिंदू धर्म को मैदान में उतरना नहीं , मैदान पर अधिकार करना होगा ।।
#FreeTemples is NOT enough
स्वतंत्र मंदिर नहीं , परमसशक्त मंदिर चाहिए !
पूरा थ्रेड ध्यान से पढ़िएगा ।।
एक सज्जन ने पूछा , "महाराज मंदिर स्वतंत्र तो करा दें, पर स्वतंत्र करवा के दें किसे ?"
"स्थानीय राजा महाराजाओं क्षत्रियों को ।"
स्वतंत्रता के बाद हमारे देश की अमूल्य क्षात्र विरासत को नपुंसक बनाने का कार्य हम सबने अपनी आंखों के सामने देखा है ..
"स्थानीय राजा महाराजाओं क्षत्रियों को ।"
स्वतंत्रता के बाद हमारे देश की अमूल्य क्षात्र विरासत को नपुंसक बनाने का कार्य हम सबने अपनी आंखों के सामने देखा है ..
यदि कोई युवा इस दिशा में sajj है तो वो ये थ्रेड सीरीज पढ़े । ये आप ही के लिए है।
मंदिर की शिल्प कला का टेंडर जिस दिन सरकारी ठेकेदार के हाथ से निकल कर क्षत्रियों के हाथ आया ,
एक भी शिल्पकार , नक्काशिकार, कुम्हार भूखे पेट नहीं मरेगा ।
एक भी शिल्पकार , नक्काशिकार, कुम्हार भूखे पेट नहीं मरेगा ।
भगवान श्री राम ने अपने गुरु वशिष्ठ से पूछा ,
" आप कर्म काण्ड वाले पंडितों को वेदाचार्यों के समान दर्जा क्यों देते हैं ?"
" राम, अयोध्या में नित्य सायं आरंभ यज्ञ वेदियों के दहन से होता है..
प्रत्येक वेदी में सिंदूर कपड़ा अर्घ पौधे आदि की बिक्री होती है...
" आप कर्म काण्ड वाले पंडितों को वेदाचार्यों के समान दर्जा क्यों देते हैं ?"
" राम, अयोध्या में नित्य सायं आरंभ यज्ञ वेदियों के दहन से होता है..
प्रत्येक वेदी में सिंदूर कपड़ा अर्घ पौधे आदि की बिक्री होती है...
शंकराचार्य जी से एक समाजसेवी ने पूछा " आप प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर क ख ग क्यों नहीं कहते हैं ?"
" शंकराचार्य का पद ऊपर है या प्रधान मंत्री का ऊपर है ?
मैंने आज तक किसी नेता से कभी कोई भीख नहीं मांगी है । मैने अपने सारे कार्य एक भी बार चुके बिना सरकार को झुका कर किए हैं "
" शंकराचार्य का पद ऊपर है या प्रधान मंत्री का ऊपर है ?
मैंने आज तक किसी नेता से कभी कोई भीख नहीं मांगी है । मैने अपने सारे कार्य एक भी बार चुके बिना सरकार को झुका कर किए हैं "
मठ के ही एक उच्च स्तर के सदस्य जिनका नाम लेना मैं ठीक नही समझता हमसे बाद में बोले ,
" यदि मंदिर मठ सशक्त हो कर के राजनीति की छाया से अलग स्वतंत्र हो जाएं ,
तो कल को यदि हम लोग प्रधान मंत्री को घाघरा पहन कर भी नाचने को कहेंगे तो उन्हे ये करने के लिए भी विवश होना पड़ेगा !"
" यदि मंदिर मठ सशक्त हो कर के राजनीति की छाया से अलग स्वतंत्र हो जाएं ,
तो कल को यदि हम लोग प्रधान मंत्री को घाघरा पहन कर भी नाचने को कहेंगे तो उन्हे ये करने के लिए भी विवश होना पड़ेगा !"
वैसे,
ऋषिकेश जी ने उपहास की शैली में ये भी व्यक्त किया की "मैंने भी हनुमान दंड लगाने शुरू किए थे ,
परंतु आज कल तो न खाने का समय है ना सोने का। ये हनुमान दंड स्वयं मेरे लिए ' दंड ' बन जाते हैं 😅"
परंतु निस्संदेह ऋषिकेश जी की श्रमशक्ति विस्मित करने वाली है ..
ऋषिकेश जी ने उपहास की शैली में ये भी व्यक्त किया की "मैंने भी हनुमान दंड लगाने शुरू किए थे ,
परंतु आज कल तो न खाने का समय है ना सोने का। ये हनुमान दंड स्वयं मेरे लिए ' दंड ' बन जाते हैं 😅"
परंतु निस्संदेह ऋषिकेश जी की श्रमशक्ति विस्मित करने वाली है ..
एक ऊंचे मठ सदस्य ने बताया " गुरुदेव रात को २ बजे सोते हैं और सुबह ५:३० बजे उठते हैं ।"
गुरु शिष्य परंपरा अनुसार मेरे अनुमान से ऋषिकेश जी गुरु के सोने के पश्चात ही सोते होंगे और गुरु के जागने से पहले जग जाते होंगे ।
गुरु शिष्य परंपरा अनुसार मेरे अनुमान से ऋषिकेश जी गुरु के सोने के पश्चात ही सोते होंगे और गुरु के जागने से पहले जग जाते होंगे ।
ध्यान रहे ,
जब अन्य सब महंतों ने अयोध्या में अगल बगल मंदिर मस्जिद बनाने वाले कागज़ पर हस्ताक्षर कर दिया था ,
उस वक्त केवल पूरी शंकराचार्य अड़े रहे थे क्योंकि वो मंदिर का महत्व समझते हैं।
" मुझे इस कार्य के लिए अनेक यातनाएं भी दी गई । लेकिन मैं टस से मस नहीं हुआ ।"
जब अन्य सब महंतों ने अयोध्या में अगल बगल मंदिर मस्जिद बनाने वाले कागज़ पर हस्ताक्षर कर दिया था ,
उस वक्त केवल पूरी शंकराचार्य अड़े रहे थे क्योंकि वो मंदिर का महत्व समझते हैं।
" मुझे इस कार्य के लिए अनेक यातनाएं भी दी गई । लेकिन मैं टस से मस नहीं हुआ ।"
शंकराचार्य का वचन है कि मंदिरों को निम्नलिखित १२ का केंद्र बनाना है -
१ शुचिता - यदि मंदिरों की साफ सफाई हो जाए तो जनता में golf court , farmhouse जैसे ढकोसलों के प्रति आकर्षण अंत हो जाएगा। और पर्यावरण का लाभ अलग।
२ सुंदरता
३ शील - एक ऐसी जगह जहां स्त्रीयों के सम्मान की
१ शुचिता - यदि मंदिरों की साफ सफाई हो जाए तो जनता में golf court , farmhouse जैसे ढकोसलों के प्रति आकर्षण अंत हो जाएगा। और पर्यावरण का लाभ अलग।
२ सुंदरता
३ शील - एक ऐसी जगह जहां स्त्रीयों के सम्मान की
रक्षा हो
४ सहानुभूति - सारे हिंदू कुटुंब ( परिवार ) की तरह रहें और मंदिर सबको मानसिक शांति दिलाएं
५ सुमति - सद्भावना का प्रचार हो
६ शिक्षा - गुरुकल व्यवस्था
७ रक्षा
८ सेवा - कोई हिंदू गरीब भूख के मारे christian missionaries का ग्रास ना बने
९ संस्कृति - स्थानीय culture का भी
४ सहानुभूति - सारे हिंदू कुटुंब ( परिवार ) की तरह रहें और मंदिर सबको मानसिक शांति दिलाएं
५ सुमति - सद्भावना का प्रचार हो
६ शिक्षा - गुरुकल व्यवस्था
७ रक्षा
८ सेवा - कोई हिंदू गरीब भूख के मारे christian missionaries का ग्रास ना बने
९ संस्कृति - स्थानीय culture का भी
Loading suggestions...