प्रभु राम कहते हैं:
क्षत्रिय तनु धरि समर सकाना
कुल कलंकु तेहिं पावँर आना कहउँ सुभाउ न कुलहि प्रसंसी
कालहु डरहिं न रन रघुबंसी
भाव:-क्षत्रिय का शरीर धरकर जो युद्ध में डर गया, उस नीच ने अपने कुल पर कलंक लगा दिया।
कुल की प्रशंसा करके नहीं,रघुवंशी रण में काल से भी नहीं डरते
अन्य के लिए जो रक्त बहाये मातृभूमि का जो देशभक्त कहलाये, गर्जन से शत्रु का तख़्त हिलाये असुरो से पृथ्वी को विरक्त कराये, वही असली रघुवंशी कहलाये..!! #जय_श्रीराम🙏🚩🚩🚩 #रघुवंशी
रघुवंशी रणबांकुरा ,सदा साथ तलवार,पीठ
दिखावे ना कभी,ना करें पीठ पर वार!!
महर्षि वाल्मीकि ने रघुवंश को आदिवंश, सूर्यवंश, इक्ष्वाकु वंश कहां है।
आदिवंशविशुध्दानाम राज्ञां परमर्धिमाणम्
इक्ष्वाकुकुलजातानं वीराणां सत्यविदानाम्
"क्व सूर्यप्रभवो वश:"
मर्यादा पुरुषोत्तम, रघुकुल भूषण, दशरथ नंदन
राजा रामचन्द्र जी की जय 🙏
जय श्री राम 🚩
जय दादा वशिष्ठ 🚩