Bheel Prashant Roat
Bheel Prashant Roat

@TribalPrashant

13 Tweets 6 reads Feb 03, 2022
1/n राजस्थान में अगर बीजेपी की सरकार होती तो सबसे पहले तो ये आंदोलन हिंसक होता ही नही। और अगर हो भी जाता तो बेगुनाहों पर इतने केस नही लगते।और अगर केस होते तो भी इतनी मांग पर सरकार केस वापस ले लेती भील समुदाय को सोचना होगा उनके लिए कौन कम नुकसानदायक है #KAKRI_DUNGARI
2/n भीलो को 1995 में पहली बार अनुसूचित क्षेत्र में 45 प्रतिशत आरक्षण, वन विभाग और पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी पदों पर बीजेपी ने पहली बार दिया जिस से भील समुदाय के लोगो का प्रतिनिधित्व सरकारी नौकरियों में बढ़ने लगा।
#KAKRI_DUNGARI
3/n 1996 में फिर से बीजेपी ने अनुसूचित क्षेत्र के भीलो को 45 प्रतिशत आरक्षण को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग में भी लागू कर दिया एवं चतुर्थ श्रेणी के साथ साथ थर्ड ग्रेड में भी लागू किया ।
#KAKRI_DUNGARI
4/n 1998 में फिर से अनुसूचित क्षेत्र के भीलो की तेज मांग पर बीजेपी ने 45 प्रतिशत आरक्षण को सभी विभागों में वेतनमान सँख्या 1 से लेकर 6 तक और ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में वेतनमान सँख्या 7( ग्राम सेवक) तक कर दिया
#KAKRI_DUNGARI
5/n 2007 में अनुसूचित क्षेत्रो के भीलो की नई मांग पर बीजेपी सरकार ने 45 प्रतिशत आरक्षण राज्यो सेवाओ को छोड़कर सभी सेवाओ में लागू किया । जो कि अनुसूचित क्षेत्र के भीलो की बड़ी जीत थी।
#KAKRI_DUNGARI
6/n काँग्रेस सरकार ने 2013 में 2007 के आदेश को संशोधन करके 50 प्रतिशत आरक्षण अनुसूचित क्षेत्र के 25 प्रतिशत सामान्य लोगो के लिए किया और इसके साथ भील समाज का विरोध काँग्रेस के खिलाफ बढ़ गया और दिसम्बर 2013 में बीजेपी की सरकार आई
#KAKRI_DUNGARI
7/n बीजेपी की सरकार आने के बाद भीलो का मिशन 73 बड़ा आंदोलन हुआ जिसमें जनसँख्या के अनुपात में आरक्षण की माँग के साथ राज्य सेवाओ में आरक्षण की माँग को उठाया गया। वसुन्धरा जी ने सारी मांगो को मान लिया था लेकिन अंतः में जाकर कुछ लोग बिक गए और बातचीत खत्म हो गई
#KAKRI_DUNGARI
8/n इन सबके बीच 2012 मे अनुसूचित क्षेत्र के भीलो के लिए REET की पात्रता को न्यूनतम 36 प्रतिशत किया गया था और उस समय अनुसूचित क्षेत्र के 50 प्रतिशत पद पर सम्पूर्ण राजस्थान के लिए अभ्यर्थी पात्र थे ।
#KAKRI_DUNGARI
9/n 2018 की REET परीक्षा में अनुसूचित क्षेत्र में 20 % सामान्य जनसँख्या के लिए 50 % पद होने से 1256 पद खाली रह गए । अनुसूचित क्षेत्र के भीलो के 36 प्रतिशत पात्रता को सामान्य पदों के योग्य नही माना गया।भीलो की मांग थी कि ये पद संवेधानिक तौर पर उन्हें मिलने चाहिए।
#KAKRI_DUNGARI
10/n इसी बीच 2018 मे राष्ट्रपति द्वारा अनुसूचित क्षेत्र का विस्तार किया जाता है और 1256 सामान्य पदों में से 89 पदों को जोड़े गए अनुसूचित क्षेत्र के सामान्य अभ्यर्थियों से भरा जाता है। जो कि असंवैधानिक था।विज्ञप्ति के बाद अभ्यर्थियों को पात्र नही माया जा सकता
#KAKRI_DUNGARI
11/n अनुसूचित क्षेत्र के भीलो के 1956 से चल रहे संघर्ष के बाद भी सरकारें इनके साथ लगातार छलावा कर रही थी इसलिए इन्होंने कांकरी डूँगरी पर आंदोलन करना शुरू किया।जिसको प्रायोजित तरीके से हिंसा में बदल गया और अभी तक सरकार जिम्मेदार लोगों को पकड़ नही पा रही है।
#KAKRI_DUNGARI
12/n जिन लोगो ने लूटपाट की। हिंसा की। क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ा और जिन्होंने भड़काया वो पुलिस के हाथों से निकल गए और पुलिस ने 5000 बेगुनाह गरीब युवा लोगो पर केस करके पैसे ऐंठ रही है। और यहाँ का सामाजिक सौहार्द ज्यादा खराब कर रही है
#KAKRI_DUNGARI
@rattibha unroll

Loading suggestions...