࿗ हिरण्या ࿗
࿗ हिरण्या ࿗

@Hiranyaa_

5 Tweets 9 reads Jun 01, 2022
पशुपालन
१. गौओं का सदा दान करना चाहिये, सदा उनकी रक्षा करनी चाहिये और सदा उनका पालन-पोषण करना चाहिये।
२. जो मनुष्य गौओं की सेवा करता है, उसे गौएँ अत्यन्त दुर्लभ वर प्रदान करती हैं। वह गौभक्त मनुष्य पुत्र, धन, विद्या, सुख आदि जिस-जिस वस्तु की इच्छा करता है,सब प्राप्त करता है।
३. गौओं का समुदाय जहाँ बैठकर निर्भयतापूर्वक साँस लेता है,
उस स्थान के सारे पापों को खींच लेता है।
४. जिस के घर में बछड़े सहित एक भी गौ नहीं है,उसका मंगल कैसे होगा और उसके पापों का नाश कैसे होगा ?
५. बिल्ली,मुर्गा,बकरा,कुत्ता,सूअर तथा पक्षियों को पालनेवाला मनुष्य नरक (कृमिपूय/पूयवह) में गिरता है।
६. कुत्ता रखनेवालों के लिये स्वर्गलोक में स्थान नहीं है।
उनके यज्ञ करने और कुआँ,बावड़ी आदि बनवाने का जो पुण्य होता है, उसे 'क्रोधवश' नामक राक्षस हर लेते हैं ।
७. घर में मुर्गे और कुत्ते के रहनेपर देवता उस घर में हविष्य ग्रहण नहीं करते।
८. यदि कुत्ते, सूअर और मुर्गे की दृष्टि पड़ जाय तो देवपूजन, श्राद्ध तर्पण, ब्राह्मण भोजन, दान और होम- ये सब निष्फल हो जाते हैं।
वास्तव में कुत्ते आदि का पालन, उनकी रक्षा दोष नहीं है,
प्रत्युत प्राणिमात्र का पालन-पोषण करना मनुष्य का खास कर्तव्य है। परन्तु कुत्ते आदि के साथ घुल-मिलकर रहना,
उनको साथमें रखना,
मर्यादा रहित छुआछूत करना, उनमें आसक्ति करना,
उनसे अपनी जीविका चलाना दोष है।

Loading suggestions...