वास्तव में कुत्ते आदि का पालन, उनकी रक्षा दोष नहीं है,
प्रत्युत प्राणिमात्र का पालन-पोषण करना मनुष्य का खास कर्तव्य है। परन्तु कुत्ते आदि के साथ घुल-मिलकर रहना,
उनको साथमें रखना,
मर्यादा रहित छुआछूत करना, उनमें आसक्ति करना,
उनसे अपनी जीविका चलाना दोष है।
प्रत्युत प्राणिमात्र का पालन-पोषण करना मनुष्य का खास कर्तव्य है। परन्तु कुत्ते आदि के साथ घुल-मिलकर रहना,
उनको साथमें रखना,
मर्यादा रहित छुआछूत करना, उनमें आसक्ति करना,
उनसे अपनी जीविका चलाना दोष है।
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