और अंत कुछ उसी तरह होता है जिसे लोग थूक कर चाटना कहते हैं।
ऐसा ही परिणाम हम तीन कृषि कानूनों के मामले में भी देख चुके हैं।
महज जिद्द और सनक के तहत लागू किए गए कृषि बिल जो चुनिंदा कॉर्पोरेटस के अलावा किसी को फायदा नहीं पहुंचाने वाले थे, अंततः भारी मन से वापस लेना पड़े।
..2/10
ऐसा ही परिणाम हम तीन कृषि कानूनों के मामले में भी देख चुके हैं।
महज जिद्द और सनक के तहत लागू किए गए कृषि बिल जो चुनिंदा कॉर्पोरेटस के अलावा किसी को फायदा नहीं पहुंचाने वाले थे, अंततः भारी मन से वापस लेना पड़े।
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आन्दोलनरत किसानों ने कितनी जानें गंवा कर यह जीत हासिल की, उसका कोई खेद नहीं है, प्रधानमंत्री जी सिर्फ यही कहते रहे कि उन्होंने तो बहुत अच्छा डिसिशन लिया था पर कुछ लोगों को पसंद नहीं आया।
...3/10
...3/10
शायद लोग अब यह समझ गए हैं कि सरकार सिर्फ हिंसा की भाषा समझती है, इसलिए अग्निपथ योजना का विरोध सिर्फ हिंसा और अग्निकांड से किया जा रहा है। हमेशा की तरह सरकार बहादुर फिर अपनी सनकी योजना के फायदे गिनाना शुरू कर चुकी है।
...4/10
...4/10
आईटी सेल के संदेश गोदी मीडिया के भुस भरे शेरों तक पँहुचना शुरू हो चुके हैं, अब पत्तलकारों, फिल्म कलाकारों और सिलेब्रिटीज के कॉपीकैट टाइप के ट्वीट्स की बाढ़ आना शुरू होगी, जो जानी पहचानी टेक्नीक है।
...5/10
...5/10
चूंकि इस बार मामला सिर्फ हिन्दू बनाम मुस्लिम का नहीं है इसलिए बुलडोजरवीरों के बुलडोजर भी शांत खड़े टुकुर टुकुर देख रहे हैं किंकर्तव्ययविमूढ़ होकर।
खैर, चलिए पहले तो तथ्यों को समझें कि क्या नया गुड़ गोबर पेश किया गया है।
...6/10
खैर, चलिए पहले तो तथ्यों को समझें कि क्या नया गुड़ गोबर पेश किया गया है।
...6/10
पहला तो अग्निवीरों की भर्ती की उम्र 21 से 23 तक बढ़ा कर दाना फेंका गया है, सिर्फ इस साल के लिए। वैसे 27 की उम्र में भी रिटाइर हो कर अग्नि वीर वही करेंगे, जो 25 की उम्र में करते।
दूसरा चिंतनीय मुद्दा ये कि 1000 जवानों की बटालियन में 700 अग्निवीर होंगे।
...7/10
दूसरा चिंतनीय मुद्दा ये कि 1000 जवानों की बटालियन में 700 अग्निवीर होंगे।
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4-18 अफसर होते हैं, और शेष लगभग 300 रेगुलर फौजी जवान।
यह व्यवस्था इसलिए चिंतनीय है कि बटालियन में एक तरह से अग्नि वीरों की स्थिति तृतीय श्रेणी के नागरिकों जैसी होगी। रेगुलर फौजी जवान इन्हें अपने से कमतर समझेंगे और अफसरों की मानसिकता का क्या कहना।
...8/10
यह व्यवस्था इसलिए चिंतनीय है कि बटालियन में एक तरह से अग्नि वीरों की स्थिति तृतीय श्रेणी के नागरिकों जैसी होगी। रेगुलर फौजी जवान इन्हें अपने से कमतर समझेंगे और अफसरों की मानसिकता का क्या कहना।
...8/10
समाज में विभाजन की दीवार खड़ी करने के बाद सेना में वर्ग विभाजन की नई इबारत लिखी जाने लगी है।
अग्निवीर बेचारा चपरासगिरी के अलावा और क्या करेगा? मोर्चे पर जरूर धका कर आगे खड़ा कर दिया जाएगा अपनी आधी अधूरी ट्रैनिंग के साथ।
...9/10
अग्निवीर बेचारा चपरासगिरी के अलावा और क्या करेगा? मोर्चे पर जरूर धका कर आगे खड़ा कर दिया जाएगा अपनी आधी अधूरी ट्रैनिंग के साथ।
...9/10
चढ़ जा बेटा सूली पे तेरा भली करेगा राम!
चार साल बाद जिंदा बचा, और रिटायर हुआ तो गार्ड की नौकरी देने के लिए अम्बाडॉनी जमात के हजारों संस्थान हैं, और कुछ नहीं हुआ तो शाखा में परेड करने का काम तो है ही।
...10/10
चार साल बाद जिंदा बचा, और रिटायर हुआ तो गार्ड की नौकरी देने के लिए अम्बाडॉनी जमात के हजारों संस्थान हैं, और कुछ नहीं हुआ तो शाखा में परेड करने का काम तो है ही।
...10/10
@threadreaderapp @rattibha please unroll.
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