राजीव पटेल
राजीव पटेल

@RajivPa64534116

5 Tweets 2 reads Sep 22, 2022
दो घटनाओं का एक साथ उल्लेख कर रहा हूँ
1.
क्या ब्रिटेन में हो रहे हिंदुओं पर संगठित हमलों पर 'भारत सरकार' कोई दृष्टिकोण-संवेदना रखती है ? हिंदुओं के मन्दिरों पर सामूहिक हमला हो रहा है,करोड़ों पौड़ की क्षति पहुचाई गई है.... ठीक ब्रिटिश पुलिस की आंखों के सामने !
मज़हबी समुदाय के हमलावरों पर एक लाठी तक नहीं चलाई जा रही है !
भारत सरकार, दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायुक्त को बुलाकर भारतीय हिंदुओं के विरुद्ध हो रही हिंसा पर कोई विरोध दर्ज नहीं कर सकती थी ? पूर्व में सिर्फ़ दो सिखों के विरुद्ध छुटपुट हिंसा के खिलाफ भारत
सरकार कनाडा के राजदूत/हाईकमीशन को सम्मन कर चुकी है....
2.
श्रीमान मोहन भागवत.... आरएसएस प्रमुख , मंगलवार को AMU के पूर्व वाइस चांसलर , ज़मीर शाह, शाहिद सिद्दीकी और कुछ अन्य मौलानाओं के साथ.... गुपचुप.... बन्द कमरे में 2 घण्टे की मीटिंग क्यों करते पाए गए हैं.... ?
मीटिंग का कोई विवरण ,मीडिया को भी नहीं दिया गया है.... ऐसी ही मुलाकातों के बाद मोहन भागवत ने "हर मन्दिर में शिवलिंग क्यों देखना " जैसा आत्मघाती बयान दिया था !
लेकिन माना जा रहा है कि यूपी,उत्तराखंड और असम में मदरसों और
अब वक्फ संपत्तियों पर जांच पड़ताल और सर्वे रुकवाने के लिए इन मज़हबी कट्टरपंथियों ने मोहन भागवत से बात की है ! मोहन भागवत की कोई न कोई शतरंजी चाल या स्टेटमेंट आपको जल्दी ही देखने को मिलेगा.....

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