जी हाँ। जो सनातन धर्म की आर्य पद्धति में विश्वास रखता है वह पहन सकता है। भारत में अनेक कन्या गुरुकुल हैं जहां बालिकाएँ इसे पहनती हैं। वाराणसी के पाणिनी कन्या गुरकुल ही चले जाइए। सावरकर ने कितने ही जनेऊ यज्ञ किए थे दलितों में।
किंतु @thewire_in से हो आप। आप को क्या लेना देना?
किंतु @thewire_in से हो आप। आप को क्या लेना देना?
यह देखिए वीर सावरकर का सर्व जाति जनेऊ यज्ञ। हमारा @agniveer भी सावरकर की प्रेरणा से सर्वत्र जनेऊ संस्कार करवाता है। स्त्री पुरुष सब पहनते हैं। जन्मना जाति नहीं मानते। किंतु कर्म व मानसिकता अवश्य देखते हैं। @thewire_in को धूर्त एवं शठ मानते हैं।
यह देखिए @agniveer का यज्ञ जहाँ सब जनेऊ पहनते हैं। ऐसे सैकड़ों उदाहरण साझा कर सकता हूँ।
आप @thewire_in को छोड़िए। हिंदू घृणा वालों का कुसंग त्यागिये। आपका भी स्वागत है।
आप @thewire_in को छोड़िए। हिंदू घृणा वालों का कुसंग त्यागिये। आपका भी स्वागत है।
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