थे। उनको उकसाने वाले मौलाना कभी मस्जिदों से फतवे जारी करते थे। आजकाल के मौलाना खाड़ी देशों में बैठकर वही काम करते है। इसलिए पांच साल प्रतिबंध और कुछ गिरफ्तारियों से हिंदू समाज को प्रसन्न होने की कोई आवश्यकता नहीं है। सांप का फन नहीं कुचला गया है। केवल केचुली हाथ आई है। यह (2/5)
1200 साल से चल रहा धर्मयुद्ध है।
जातीवाद, प्रांतवाद, संप्रदायवाद, भाषावाद आदि में उलझे हिंदू समाज को संगठित होना होगा। तभी राम और कृष्ण की सनातन अपने पूर्वजों का यशोगान करने के लिए जीवित रहेगी। सलंग्न सूची में जेल जाने वालों के प्रोफाइल देखिए। अब इनके घरों में हर महीने (3/5)
जातीवाद, प्रांतवाद, संप्रदायवाद, भाषावाद आदि में उलझे हिंदू समाज को संगठित होना होगा। तभी राम और कृष्ण की सनातन अपने पूर्वजों का यशोगान करने के लिए जीवित रहेगी। सलंग्न सूची में जेल जाने वालों के प्रोफाइल देखिए। अब इनके घरों में हर महीने (3/5)
मासिक भत्ता आसानी से पहुंचाया जायेगा। इनके लिए 10 से 20 लाख रुपए प्रति पेशी देने वाले नामी गिरामी वकील खरीदे जाएंगे। रात को कोर्ट खुलवाकर इनकी जमानत करवाई जाएगी। जकात के नाम पर अरबों इकट्ठे किए जायेंगे। 100 करोड़ हिंदू नुपुर शर्मा के लिए तो संगठित हो नहीं सके। कमलेश तिवारी (4/5)
को भूल गए। सर तन से जुड़ा नारे के विरोध में सड़कों पर नहीं उतरे। पीएफआई का समूल नाश कैसे करेंगे?
सोचिए! समझिए! करिए?
#साभार
(5/5)
सोचिए! समझिए! करिए?
#साभार
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🙏🙏
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