भारत में पत्रकारों पर पाबन्दियाँ लगाई जा रही हैं? क्या भारत का लोकतंत्र ख़तरे में है?
ऐसा दावा पिछले कुछ सालों से अक्सर वो मीडिया संस्थान कर रहा है, जिसकी शुरुआत ही इंदिरा गांधी के आपातकाल की पैरवी करने के लिए हुई थी। इसका नाम है #IndiaToday
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ऐसा दावा पिछले कुछ सालों से अक्सर वो मीडिया संस्थान कर रहा है, जिसकी शुरुआत ही इंदिरा गांधी के आपातकाल की पैरवी करने के लिए हुई थी। इसका नाम है #IndiaToday
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बात करते हैं उस दौर की जब भारत में वास्तव में आपातकाल लागू था। ये वह दौर था, जब लोगों को सत्ता के विरोध के नाम पर जेलों में बंद कर दिया जा रहा था। उन्हें ऐसी नारकीय यातनाएँ दी गईं, जिनकी आज भी यदि चर्चा की जाए तो शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है।
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आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 15 दिसंबर, 1975 के दिन इंडिया टूडे का पहला संस्करण तब सामने आया जब आपातकाल के दौर में पत्रकारिता पर सख़्त पाबंदी लगाई जा रही थीं। लोग अपने मीडिया, मैगज़ीन और प्रेस पर ताले लगा रहे थे।
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#IndiaToday के इतिहास को विस्तार से समझने के लिए देखिए ये वीडियो: youtu.be
#Emergency #IndiraGandhi #IndiaToday
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