आचार्य कन्फ़्यूशियस
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@AchryConfucious

11 Tweets 5 reads Dec 19, 2022
समझ नहीं आता कि धर्म हमेशा महिलाओं के कपड़ो से ही क्यों आहत हो जाते हैं?
पुरुषों द्वारा की कोई भी अश्लीलता, बलात्कार, चरित्रहीनता नज़र अंदाज़ क्यो कर दी जाती है?
संसद बलात्कारियों से भर जाती है और धर्म पर कोई धब्बा नही लगता.
...1/10
माना कि बाज़ार ने स्त्रियों को प्रोडक्ट बनाने में कोई कसर नही छोड़ी, उसने पितृसत्ता से स्त्री के संघर्ष को हाईजैक कर लिया, और स्त्रियों के आगे दोहरी चुनौती खड़ी कर दी, मगर उस बाजारीकरण पर एकतरफ़ा आपत्ति का अधिकार कम से कम वो लोग तो खो चुके हैं जो अपने धर्म के झंडे तले
...2/10
हर अनैतिक, अश्लील और आपराधिक कार्यवाही का समर्थन करते हैं.
साफ़ पता चलता है कि विरोध न देश के लिये हो रहा है, न धर्म के लिये, न स्त्री की ख़ातिर, सारा मामला एजेंडे का है.
जैसे आपको नारंगी बिकिनी में धर्म दिख जाता है वैसे ही हमे आपका एजेंडा.
...3/10
मुद्दा बिकिनी का नहीं है। मुद्दा कलर का भी नहीं है। मुद्दा अश्लीलता का भी नहीं है। मुख्य मुद्दा है जो भाजपा के साथ रहेगा वो कुछ भी कर सकता है।
जो भाजपा के विरोध में है उनको परेशान किया जायेगा। हमारे साथ रहो। हमारा प्रचार करो।
...4/10
हमारे महामानव साहब का गुणगान करते रहो तो सब कुछ ठीक है। अगर विरुद्ध गये तो बहोत बूरा हाल होगा यह कहना है अंधभक्तो का।
कंगना रनौत कुछ भी बोले, कुछ भी पहने वो अंध भक्तो के लिए झांसी की रानी है। क्योंकि वह समय समय पर साहब की प्रशंसा करती रहती है।
...5/10
अक्षय कुमार भी कुछ भी बोल सकता है। उनकी फिल्मो में बिकिनी भी चलती है। कोई भी कलर चल जाता है क्योंकि वह भाजपा का आदमी है।
मोदी सरकार स्पष्ट संदेश देना चाहती है। हमारे साथ रहो। हमारे लिए प्रचार करो। जो ऐसा करेगा वो कुछ भी कर सकता है।
...6/10
अश्लील फिल्मे भी। भ्रष्टाचार भी। चोरी-लूट, बलात्कार भी। बैंक फ्रोड भी।
शाहरुख खान अंध भक्तो के साहब की प्रशंसा करना शुरू कर दे तो अंध भक्तो को कोई प्रोब्लेम नहीं है। नहीं तो अंध भक्त फिल्म का विरोध करेंगे। मंत्री गण भी। क्योंकि वे भी अंधभक्त ही होते हैं।
...7/10
अंध भक्ति किये बगैर मंत्री बनना संभव नहीं है।
अंध भक्तो की समस्या यह है कि उनके कहने से फिल्मे हिट नहीं होती है। ना ही फ्लॉप होती हैं।
ऐसा होता तो अक्षय कुमार और कंगना रनौत की फिल्में फ्लॉप नहीं होती।
...8/10
अंध भक्त आजकल दुःखी रहते हैं। और सड़क पर आकर तोडफ़ोड़ करने लगे हैं।
पाकिस्तान के मिनिस्टर ने कुछ बोला उसका विरोध करने के लिए सड़क उतरने की क्या जरूरत है भक्तजनों?
केंद्र में आपकी ही सरकार है। विदेश मंत्रालय भी है। पाकिस्तान को वे उत्तर दे सकते हैं।
...9/10
लेकिन इनको सब कुछ सड़क पर ही करना है क्योंकि उससे वोट बढ़ता है। ध्रुवीकरण होता रहता है और चुनाव जीता जाता है लेकिन कब तक चलेगी आपकी ये नौटंकी?
धीरे-धीरे जनता सब कुछ समझ रही है।
...10/10

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