7 Tweets 13 reads Dec 28, 2022
“राम रसायन तुम्हरे पासा”: हनुमान जी का राम रसायन वो औषधि है जो आपके दुखों को दूर कर आपको चरित्रवान बनाती है।
राम रसायन में चार प्रमुख यौगिक तत्व होते हैं। श्रेष्ठ भक्त इन सभी यौगिकों को एक साथ मिश्रित करके धारण करता है। इन चार गुणों के मिश्रण से जो भाव उत्पन्न होता है, वही राम रसायन है।
राम रसायन में समाहित चारो यौगिकों का परिचय:
1. कृतज्ञता- प्रभु आपने मुझे यह जीवन दिया. आपकी भक्ति का सौभाग्य मिला, जीवन धन्य हुआ। जीवन के हर कार्य को ईश्वर को समर्पित करते हुए महान ईश्वर का धन्यवाद करना ही कृतज्ञता है। यह राम रसायन का एक महत्वपूर्ण यौगिक है।
2. आत्मीयता की अनुभूति- मैं अपने अंदर के "मैं" को "राममय" करने आया हूँ, स्वयं को आपमें विलीन करता हूँ। यानी अहंभाव का त्याग करके स्वयं को ईश्वर से एकाकार कर देना। यह राम रसायन का दूसरा महत्वपूर्ण यौगिक है।
3. वात्सल्य का अनुभव- अपना अच्छा बुरा, सत् असत् सब कुछ ईश्वर पर छोड़कर समर्पित हो जाना। मन में यह भाव रखना कि मेरा अपना कुछ रहा ही नहीं तो मैं पूर्णतः आप पर आश्रित हूँ। हे ईश्वर माता-पिता समान मेरा पालन करें।
4. विश्वास-  ईश्वर के न्याय पर पूर्ण विश्वास करना, यदि कुछ बुरा भी घट रहा हो तो उसे न्याय समझकर स्वीकार करना। विश्वास को कभी डिगने नहीं देना। चित्त में यह भाव रखना कि हे प्रभु मैने अपनी नैया आपके हवाले कर दी है, आप तार दें या दुत्कार दें, सब स्वीकार है, आपके सिवा कोई नहीं मेरा।
इन्हीं चार यौगिकों को मिलाकर राम रसायन प्राप्त होता है और इसके बाद मनुष्य हनुमान जी के समान राम मय हो जाता है।

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