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@AyurvedaTalks

10 Tweets 115 reads Jan 03, 2023
इंद्रलुप्त- खालित्य (𝗔𝗹𝗼𝗽𝗲𝗰𝗶𝗮 ) -
Hair loss from the scalp or elsewhere on the body.
#Thread
रोमकूप में भ्राजक पित्त प्रकोपित वायु मिश्रीत होकर, बालों के झड़ने का कारण बनता है।
उसी समय, रक्तदोष के साथ कफ रोमकूप को अवरुद्ध करता है और नए बालों के विकास को रोकता है।
Types of Alopecia -
• Non scarring alopecia
• Alopecia areata
• Traumatic alopecia
• Scarring alopecia
• Congenital alopecia
Causes
• Endocrine disorders - Hyperthyroidism, Hypopituitarism.
• Drugs - antimitotic agents, anticoagulants, lithium etc.
• Malnutrition – iron deficiency, protein deficiency
• Neoplastic diseases
• Dermatoses e.g. psoriases, seborrhagic dermatitis,
चिकित्सा/ Treatment:-
• संशोधन – वमन, विरेचन, नस्य, सिर तैल
• समीप की सिरा का वेदन
• आमलकी तेल
• ब्राह्मीसिद्ध तेल
• हस्तीदंतमषीचाही स्थानिक लेप
• भल्लातक तेल
Each Tail Depends on your Dosha Prakruti.
अभ्यंतर प्रयोग्य -
• आरोग्यवर्धिनी
• गंधकरसायन
हस्ति मषी तैल -
हस्तिदन्तमसीं कृत्वा मुख्यं चैव रसाञ्जनम । रोमाण्येतेन जायन्ते लेपात्पाणितल एष्वपि॥ - (सु.चि. 1 / 101)
हाथी दांत को जलाकर मस्सी का निर्माण + रसाञ्जन (बकरी के दूध के साथ) मिलाकर -> लेपन। इस लेपन से हथेली व तलवों पर भी लोम उत्पन्न किये जा सकते हैं।
• मधु, घृत, तिल पुष्प, गोखरू लेपन
• लघु पंचमूल, जीवनीय गण से सिद्ध तैल का नस्य
• ब्रह्मचर्य रहते हुए एक मास तक नीम तेल का नस्य
• बड व जटामांसी के चूर्ण के साथ गिलोय स्वरस सिद्ध तैल के अभ्यंग करने से गंजे व्यक्ति के भी सिर पर बाल उग जाते है।
• कड़वे परवाल के पत्ते का रस ( तीन दिन में ठीक हो जाता है।
• भिलवा रस व मधु लेप
• देवदारु, केवड़ी, मोथा लेप
• त्रिफलादि तैल
• जपा पुष्प तैल
• भृंगराज तैल
विशेष :-
• तैलाक्ता हस्तिदन्तस्य मषी चाचौषधं परम् ॥ (अ.हृ.चि. 26/31)
हाथी दाँत की मषी को इन्द्रलुप्त में लगाये, यह इस रोग की उत्तम औषध है ।
• वर्जयेद्वारणा सेकंयावद्रोमसमुद्भवः ।।
इस रोग में जब तक पूर्ण रूप से बालों (रोमों) की उत्पत्ति न हो जाय, तब तक जल का सेचन न करें ।
Rx -
• Minoxidil 2 % solution for local application twice a day
• Hair transplantation
• In females, anti androgen therapy such as cyproterone acetate is used.
Refrence Books
Shushruth Samhita
Charak Samhita
Asthang Hridaya
ENT Text
Shalakya Tantra Text

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