भोलेनाथ ना सिर्फ देवी-देवताओं और इंसानों के भगवान हैं बल्कि उनको भूत-प्रेत व दानव भी भगवान मानकर पूजते हैं। पुराणों में लिखा है कि भगवान शिव की शादी में देवी-देवताओं के अलावा भूत-प्रेत भी बाराती बनकर आए थे और इस मंदिर का निर्माण भी भूतों ने किया है।
कहा जाता है कि रात में यहां वो नजारा दिखता है, जिसे देखकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाएगी। ककनमठ मंदिर का इतिहास करीब एक हज़ार साल हजार पुराना है। बेजोड़ स्थापत्य कला का उदाहरण ये मंदिर पत्थरों को एक दूसरे से सटा कर बनाया गया है।
मंदिर का संतुलन पत्थरों पर इस तरह बना है कि बड़े-बड़े तूफान और आंधी इसे हिला नहीं पाई।कुछ लोग यह मानते हैं कि कोई चमत्कारिक अदृश्य शक्ति है जो मंदिर कीरक्षा करती है।इस मंदिर के बीचोबीच शिवलिंग स्थापित है।120 फीट ऊंचे इस मंदिर का उपरी सिरा व गर्भगृह सैकड़ों साल बाद भी सुरक्षित है।
इस मंदिर को देखने में लगता है कि यह कभी भी गिर सकता है। लेकिन ककनमठ मंदिर सैकडों सालों से इसी तरह टिका हुआ है यह एक अदभुत करिश्मा है। इसकी एक औऱ ये विशेषता है कि इस मंदिर के आस पास के सभी मंदिर टूट गए हैं , लेकिन ककनमठ मंदिर आज भी सुरक्षित है।
हर हर महादेव 🙏⚜️🌺
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