सनातनी हिन्दू राकेश (मोदी का परिवार)
सनातनी हिन्दू राकेश (मोदी का परिवार)

@Modified_Hindu9

28 Tweets 3 reads Jun 18, 2023
भारत में मुसलमानों के प्रति अब हिन्दूओ का रोष प्रकट होने लग गया है...
उत्तराखंड व मणिपुर के हिन्दूओ ने अपने धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष शुरू कर दिया है... देश के अलग अलग राज्यों में लगातार हिन्दूओ को प्रताड़ित करने व हिन्दूओ की बहन बेटियों को लव जिहाद में फँसाने व संविधान (1/26)
में लिखवाई गई फ़रेबी अभिव्यक्ति की आजादी की सुतियापंथी में मतान्ध उच्च शिक्षा प्राप्त हिन्दूओ की बेटियों द्वारा अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव इन रिलेशनशिप यानि कि एक रखैल की तरह रहने की रजामंदी व परिवार की इज्ज़त बर्बाद करने की घटनाओं में लिप्त मुस्लिम समुदाय के लड़कों को (2/26)
लगातार बमदरसों व मस्जिदों से मिल रही आर्थिक मदद की खबरें खूब वायरल हो रही है...
भारत की 1947 के बाद की बची हुई हिंदू भूमि पर इस संविधान में अलग अलग कानून बनवाकर जो ये लोग दावा कर रहे हैं कि भारत पर हिन्दूओ के बराबर बाकी पन्थों का भी अधिकार है... तो उन्हें यह ज्ञात हो (3/26)
जाना चाहिए कि असली ट्रांसफर ऑफ़ पॉवर के डॉक्यूमेंट मोदी सरकार के हाथ में है वर्तमान समय में... और जिस इंग्लैंड की गुलामी की थी. उस इंग्लैंड में भी मोदी की पहुँच अब बहुत गहराई तक है...
बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था... अम्बेडकर व जोगेंद्र नाथ मण्डल के अनुयायियों ने (4/26)
पाकिस्तान बनवाने के लिए हुए सीमावर्ती इलाकों के जनमत संग्रह में मुस्लिम लीग के पक्ष में मतदान किया था और जिन्ना के साथ एक गुप्त समझौता किया था कि हिन्दूओ से भूमि छीनने के बाद उस भूमि पर मुसलमानों के लिए पाकिस्तान व दलितों के लिए दलिस्तिस्थान बनाया जाएगा...
वैसे तो (5/26)
अम्बेडकर ने स्वयं भी, व जोगेंद्र नाथ मण्डल... जो कि अम्बेडकर से बड़ा दलित नेता था, से अलग दलिस्तिस्थान की मांग 1929 में ही कर दी थी... परन्तु अंग्रेजों के समझाने पर तत्कालीन दलिस्तिस्थान चाहने वालों ने मुसलमानों का साथ देने का समझौता कर लिया था... बंटवारा करवाने में (6/26)
मुसलमानों व दलितों का बराबर योगदान रहा था 1941 से लेकर 1946 के डायरेक्ट एक्शन प्लान तक...
दलिस्तिस्थान चाहने वाले तथाकथित दलितों ने मुसलमानों के साथ मिलकर हिन्दूधर्मी शुद्रों का नोआखाली में कत्लेआम करवाया... दलितों ने मुसलमानों के खिलाफ हथियार उठाने से मना कर दिया... (7/26)
इसके कारण दलितों को अपना नेतृत्वकर्ता समझने वाले भोलेभाले हिन्दूधर्मी शुद्रों ने अपनी बहन बेटियों की रक्षा के उपाय नहीं किये... उन्हें बताया गया कि दलिस्तिस्थान चाहने वाले लोग हिन्दूधर्मी शुद्रों की रक्षा करने के लिए मुसलमानों से समझौता कर चुके हैं...
इसी गलतफहमी में जी (8/26)
रहे गरीब भोलेभाले हिन्दूधर्मी शुद्रों का हजारों की संख्या में नरसंहार किया गया... जब गली मोहल्लों में हिन्दूधर्मी शुद्रों को मारा जाने लगा व शुद्रों की बहन बेटियों के साथ सामुहिक बलात्कार किये जाने लगे...
तब एक महान शुद्र योद्धा गोपाल पाठा नामक व्यक्ति ने अपने हिंदुत्व (9/26)
के लिए तैयार की गई टोली के शुद्रों को हथियार उठाने के लिए तैयार किया...
3 दिन में जितने शुद्रों की हत्याएं मुसलमानों ने की थी... दलिस्तिस्थान चाहने वाले दलितों के हथियार नहीं उठाने के कारण... अगले 5 दिन में ही उससे अधिक संख्या में मुस्लिम दंगाइयों को गोपाल पाठा की सनातनी (10/26)
टीम ने मार दिया... गली मोहल्ले में संगठन ने गोपाल पाठा के हिंदुत्ववादी नेतृत्व में मुसलमानों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया...
तब पोरबंदर में बैठकर हिन्दूओ के देश के बंटवारे का षड्यंत्र रचा रहे गांधी ने बंगाल में आकर मुसलमानों को नहीं मारने की अपील गोपाल पाठा से की... और (11/26)
गोपाल के सशस्त्र संघर्ष के खिलाफ हरामी ने अनशन शुरू कर दिया...
गांधी के आने के बाद दलिस्तिस्थान चाहने वालों ने गोपाल पाठा को गांधी के समकक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए संदेश भेजा... इस प्रकार हिन्दूओ के भारी पड़ते ही गांधी ने खेल कर दिया... और कुछ ही समय में विभाजन को (12/26)
स्वीकार कर लिया...
गांधी, नेहरू व अम्बेडकर, जिन्ना व जोगेंद्र नाथ मण्डल ये सब अंग्रेजी सभ्यता के आदी थे... इन्हें सनातन संस्कृति से कोई लेना देना नहीं था... ये सब लोग विदेशों में थे... अंग्रेजों ने बंटवारे के षड्यंत्र का नेतृत्व करने के लिए इन सभी को विदेशों से भारत (13/26)
बुलवाया था और एक मंच पर इकट्ठा किया था...
1947 के बाद बची हुई हिन्दूओ की भूमि पर भी गांधी, नेहरू व अम्बेडकर के अनुयायियों को रोका गया और कांग्रेस के वोटबैंक के लिए तैयार किया गया...
ये सब लोग हिन्दूओ के नरसंहार में शामिल थे और गांधी नेहरू व अम्बेडकर को ये डर था कि (14/26)
हिन्दूओ के हत्यारे हिन्दूओ के बीच में सुरक्षित नहीं रह सकेंगे... क्योंकि हिन्दूओ द्वारा अपने पुरखों के नरसंहार का बदला लेने की भावना कभी भी जाग उठेगी यह बात ये तीनों अंग्रेजी एजेंट अच्छी तरह से जानते थे...
इसलिए हिन्दूओ को काबू में रखने व अपने अपने समर्थकों को सुरक्षित (15/26)
व संरक्षित करने की मंशा पर इन लोगों ने संविधान लिखवाया... ज्यादातर कानून अंग्रेजी थे और 1857 की क्रान्ति को कुचलने के लिए बने थे... उन्हीं कानूनों को हूबहू संविधान में लिखवाया गया...
वर्तमान समय में हिन्दूओ के देश में रह रहे ये लोग बार बार संविधान की बात करते हैं क्योंकि (16/26)
ये लोग जानते हैं कि यह संविधान ही इन्हें हिन्दूओ के देश में हिन्दूओ को काबू में रखने के लिए इस्तेमाल करते रहना है...
इन्हें अच्छी तरह से पता है कि यह संविधान बदला गया तो हिन्दू मजबूत हो जाएगा... और हिन्दू मजबूत हो गया तो अपने करोड़ों पुरखों की हत्याएं करने व करवाने वाले (17/26)
लोगों की वर्तमान समय की पीढ़ियों से बदला जरूर लेगा...
मेरा वर्तमान समय के मुसलमानों (जो कि शत प्रतिशत कन्वर्ट हैं) से एक कड़वा प्रश्न है कि... अगर तुम अच्छे मुस्लिम हो तो क्या तुमने कभी अपनी कौम की जिहादी गन्दगी के खिलाफ कोई आवाज बुलंद की... सच्चाई यह है कि आप लोग अपने (18/26)
कौम के अपराधियों व जिहादियों का मौन रहकर समर्थन करते हो...
बंटवारे के बाद भी हिन्दूओ के देश में सम्मान से रहने दिया गया आपके पुरखों को, जबकि आप सभी के पुरखों ने पाकिस्तान बनवाने के लिए जनमत संग्रह में मुस्लिम लीग को वोट दिया था...
आज आप जो ये पलायन का दर्द महसूस कर (19/26)
रहे हो, यह दर्द झूठी फ़रेबी आजादी के बाद से 75 वर्ष से हिन्दू महसूस करता रहा है... बेगैरत लोग औलाद पालने पोसने में असमर्थ होते हुए भी जानवरों की तरह बच्चे पैदा किये जा रहे हैं बस एक ही मकसद से... कि वोटबैंक की ताकत से गजवा करना है...
पिछले 9 वर्ष में जितने भी आतंकवादी (20/26)
मारे गए हैं सब के सब मुस्लिम हैं... लव जिहाद के आरोपी युवक सभी मुस्लिम हैं...
क्या तुम तथाकथित अच्छे मुसलमानों ने उनके पाप की कभी सार्वजनिक रूप में मज़म्मत की...
जवाब यह है कि... कभी भी नहीं... जो आपने बोया है उसका फल तो ईश्वरीय शक्ति आपको देगी ही... संविधान समस्त (21/26)
हिन्दुविरोधी पन्थों को संरक्षण देने की मंशा पर लिखवाया गया था 1947 में... यह बात अच्छी तरह से जानते हुए भी हिन्दूओ ने संविधान का सम्मान किया... धर्म के आधार पर समस्त मुसलमानों ने पाकिस्तान बनवाने के लिए वोट दिया... आपके पुरखों के साथ साथ 60% तथाकथित दलिस्तिस्थान चाहने (22/26)
वाले दलितों ने भी पाकिस्तान बनवाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में मुस्लिम लीग को वोट डालने का पाप किया था...
जो पाप किये गए हैं अतीत में... उसकी कीमत कोई न कोई तो चुकाएगा ही... 75 वर्ष से भुगत रहे हिन्दूओ का सब्र अब जवाब देने लग गया है... हमें तो डर इस बात का है कि कहीं (23/26)
पूरे देश में हिन्दू अपने साथ हिन्दुविरोधी पन्थों द्वारा किए गए अत्याचारों के पापों का हिसाब चुकता करने के लिए न उठ खड़े हो जाएं...
अभी भी बहुत देर नहीं हुई है... तुम जो स्वयं को अच्छा मुसलमान कहते हो... अपनी कौम के इन हराम की औलादों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करो... समय (24/26)
रहते... पानी सर से ऊपर जा रहा है... पता नहीं क्या होगा आने वाले समय में...
तुम जिस पाकिस्तान व चीन व अरब मुल्कों के बूते भारत में हिन्दूओ के खिलाफ षड्यंत्र रचा रहे हो, यह जान लो कि उन देशों के बुरे दिन मोदी ने शुरू कर दिये हैं और आने वाले समय में योगी उन्हें ऐसा काबू (25/26)
करेगा कि वे देश तुम्हें मुसलमान मानने से ही मना करने के फतवे जारी कर देंगे...
#साभार
(26/26)
🙏🙏

Loading suggestions...