बजरंग बाण एक राम बाण तथा अचूक उपाय
#Thread 🧵 अन्य प्रश्न का उत्तर पाने के लिए पूरा पढ़े
🔺साढ़ेसाती, ग्रेहदोष, राहु दोष, नौकरी, मानसिक व्याधि, घोर कष्ट, वास्तुदोष , क्लेश से मुक्ति कैसे करवाता है ?
नोट - कहा जाता है बजरंग बाण में हनुमान जी सौगंध दी जाती है, तो बजरंग बाण तब करे जब अत्यधिक कठिन परिस्थिति बन जाये , ऊपर लिखे गये संकट जीवन में बहुत कष्टकारी बन जाते है तो आप पूर्ण भाव तथा समर्पण से बजरंग बाण कर सकते है 🙏🏻
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🔺साढ़ेसाती, ग्रेहदोष, राहु दोष, नौकरी, मानसिक व्याधि, घोर कष्ट, वास्तुदोष , क्लेश से मुक्ति कैसे करवाता है ?
नोट - कहा जाता है बजरंग बाण में हनुमान जी सौगंध दी जाती है, तो बजरंग बाण तब करे जब अत्यधिक कठिन परिस्थिति बन जाये , ऊपर लिखे गये संकट जीवन में बहुत कष्टकारी बन जाते है तो आप पूर्ण भाव तथा समर्पण से बजरंग बाण कर सकते है 🙏🏻
दैहिक, दैविक और भौतिक समस्याओं से मुक्ति के लिये बजरंग बाण का अमोघ विलक्षण प्रयोग अपने इष्ट कार्य की सिद्धि के लिये किया जाता है। पवनपुत्र और श्रीराम के परम सेवक हनुमान जी से अगर कोई वरदान पाना हो तो आपको इसके लिए सबसे पहले श्रीराम का नाम लेना होगा। अगर इतने से भी काम न बने तो आप हनुमान जी को श्रीराम के नाम की सौगंध दे दीजिये।जीवन की 8 ऐसी समस्याओं की जिनका समाधान सिर्फ और सिर्फ बजरंगबाण के पास ही है। बस इसके लिए आपको अलग अलग तरीके से बजरंगबाण का पाठ करना होगा।
🔺बजरंगबाण से विवाह बाधा खत्म
कदली वन, या कदली (केले) वृक्ष के नीचे बजरंग बाण का पाठ करने से विवाह की बाधा खत्म हो जाती है। यहां तक कि तलाक जैसे कुयोग भी टलते हैं बजरंग बाण के पाठ से।
🔺बजरंगबाण से विवाह बाधा खत्म
कदली वन, या कदली (केले) वृक्ष के नीचे बजरंग बाण का पाठ करने से विवाह की बाधा खत्म हो जाती है। यहां तक कि तलाक जैसे कुयोग भी टलते हैं बजरंग बाण के पाठ से।
🔺बजरंगबाण से कारागार से मुक्ति
अगर किसी कारणवश जेल जाने के योग बन रहे हों, या फिर कोई संबंधी जेल में बंद हो तो उसे मुक्त कराने के लिए हनुमान जी की पूंछ पर सिंदूर से 11 टीका लगाकर 11 बार बजरंग बाण पढ़ने से कारागार योग से मुक्ति मिल जाती है। अगर आप हनुमान जी को 11 गुलाब चढ़ाते हैं या फिर चमेली के तेल में 11 लाल बत्ती के दीपक जलाते हैं तो बड़े से बड़े कोर्ट केस में भी आपको जीत मिल जायेगी।
अगर किसी कारणवश जेल जाने के योग बन रहे हों, या फिर कोई संबंधी जेल में बंद हो तो उसे मुक्त कराने के लिए हनुमान जी की पूंछ पर सिंदूर से 11 टीका लगाकर 11 बार बजरंग बाण पढ़ने से कारागार योग से मुक्ति मिल जाती है। अगर आप हनुमान जी को 11 गुलाब चढ़ाते हैं या फिर चमेली के तेल में 11 लाल बत्ती के दीपक जलाते हैं तो बड़े से बड़े कोर्ट केस में भी आपको जीत मिल जायेगी।
🔺सर्जरी और गंभीर बीमारी टाले बजरंग बाण
कई बार पेट की गंभीर बीमारी जैसे लीवर में खराबी, पेट में अल्सर या कैंसर जैसे रोग हो जाते हैं, ऐसे रोग अशुभ मंगल की वजह से होते हैं। अगर इस तरह के रोग से मुक्ति पानी हो तो हनुमान जी को 21 पान के पत्ते की माला चढ़ाते हुए 5 बार बजरंग बाण पढ़ना चाहिये। ध्यान रहे कि बजरंगबाण का पाठ राहुकाल में ही करें। पाठ के समय घी का दीय ज़रुरजलायें।
कई बार पेट की गंभीर बीमारी जैसे लीवर में खराबी, पेट में अल्सर या कैंसर जैसे रोग हो जाते हैं, ऐसे रोग अशुभ मंगल की वजह से होते हैं। अगर इस तरह के रोग से मुक्ति पानी हो तो हनुमान जी को 21 पान के पत्ते की माला चढ़ाते हुए 5 बार बजरंग बाण पढ़ना चाहिये। ध्यान रहे कि बजरंगबाण का पाठ राहुकाल में ही करें। पाठ के समय घी का दीय ज़रुरजलायें।
🔺छूटी नौकरी दोबारा दिलाए बजरंग बाण
अगर नौकरी छूटने का डर हो या छूटी हुई नौकरी दोबारा पानी हो तो बजरंगबाण का पाठ रात में नक्षत्र दर्शन करने के बाद करें। इसके लिए आपको मंगलवार का व्रत भी रखना होगा। अगर आप हनुमान जी को नारियल चढ़ाने के बाद, उसे लाल कपड़े में लपेट कर घर के आग्नेय कोण रखते हैं तो मालिक स्वयं आपको नौकरी देने आ सकता है।
अगर नौकरी छूटने का डर हो या छूटी हुई नौकरी दोबारा पानी हो तो बजरंगबाण का पाठ रात में नक्षत्र दर्शन करने के बाद करें। इसके लिए आपको मंगलवार का व्रत भी रखना होगा। अगर आप हनुमान जी को नारियल चढ़ाने के बाद, उसे लाल कपड़े में लपेट कर घर के आग्नेय कोण रखते हैं तो मालिक स्वयं आपको नौकरी देने आ सकता है।
🔺वास्तुदोष दूर करे बजरंगबाण
कई बार घर में वास्तुदोष के चलते कई समस्या हो जाती है। तो घर में वास्तुदोष दूर करने के लिए 3 बार बजरंगबाण का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी को लाल झंडा चढ़ाने के बाद उसे घर के दक्षिण दिशा में लगाने से भी वास्तुदोष से मुक्ति मिलती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा चर के मुख्य द्वार पर लगायें।
कई बार घर में वास्तुदोष के चलते कई समस्या हो जाती है। तो घर में वास्तुदोष दूर करने के लिए 3 बार बजरंगबाण का पाठ करना चाहिए। हनुमान जी को लाल झंडा चढ़ाने के बाद उसे घर के दक्षिण दिशा में लगाने से भी वास्तुदोष से मुक्ति मिलती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा चर के मुख्य द्वार पर लगायें।
🔺बजरंग बाण से द्या असर करे
कई बार गंभीर बीमारी में दवा फायदा नहीं करती। दवा फायदा करे इसके लिए 2 बार बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। साथ ही साथ संजीवनी पर्वत की रंगोली बनाकर उस पर तुलती के 11 दल चढ़ाने से दवा धीरे धीरे असर करने लगती है।
नोट🔺🔺🔺
श्री बजरंग बाण प्रयोग इसके लिए मंगलवार अथवा शनिवार का दिन चुन लें। हनुमानजी का एक चित्र या मूर्ति जप करते समय सामने रख लें। ऊनी अथवा कुशासन बैठने के लिए प्रयोग करें। अनुष्ठान के लिये शुद्ध स्थान तथा शान्त वातावरण आवश्यक है। घर में यदि यह सुलभ न हो तो कहीं प्रकान्त स्थान अथवा प्रकान्त में स्थित हनुमानजी के मन्दिर में प्रयोग करें।
कई बार गंभीर बीमारी में दवा फायदा नहीं करती। दवा फायदा करे इसके लिए 2 बार बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। साथ ही साथ संजीवनी पर्वत की रंगोली बनाकर उस पर तुलती के 11 दल चढ़ाने से दवा धीरे धीरे असर करने लगती है।
नोट🔺🔺🔺
श्री बजरंग बाण प्रयोग इसके लिए मंगलवार अथवा शनिवार का दिन चुन लें। हनुमानजी का एक चित्र या मूर्ति जप करते समय सामने रख लें। ऊनी अथवा कुशासन बैठने के लिए प्रयोग करें। अनुष्ठान के लिये शुद्ध स्थान तथा शान्त वातावरण आवश्यक है। घर में यदि यह सुलभ न हो तो कहीं प्रकान्त स्थान अथवा प्रकान्त में स्थित हनुमानजी के मन्दिर में प्रयोग करें।
🔺🔺विधि 🔺🔺
हनुमान जी के अनुष्ठान में अथवा पूजा आदि में दीपदान का विशेष महत्त्व होता है।
पाँच अनाजों (गेहूँ, चावल, गूँग, उड़द और काले तिल) को अनुष्ठान से पूर्व एक-एक मुट्ठी प्रमाण में लेकर शुद्ध गंगाजल में भिगो दें।
अनुष्ठान वाले दिन इन अनाजों को पीसकर उनका दीया बनाएँ। दीपक की बत्ती के लिए अपनी लम्बाई के बराबर कलावे का एक तार लें अथवा एक कच्चे सूत को लम्बाई के बराबर काटकर लाल रंग में रंग लें। इस धागे को पाँच बार मोड़ लें। इस प्रकार के धागे की बत्ती को सुगन्धित तिल के तेल में डालकर प्रयोग करें। समस्त पूजा काल में यह दिया जलता रहना चाहिए। हनुमानजी के लिये गुगुल की धूनी की भी व्यवस्था रखें। जप के प्रारम्भ में यह संकल्प अवश्य लें कि आपका कार्य जब भी होगा, हनुमानजी के निमित्त नियमित कुछ भी करते रहेंगे। अब शुद्ध उच्चारण से हनुमान जी की छवि पर ध्यान केन्द्रित करके बजरंग बाण का जाप प्रारम्भ करें।
॥ श्रीराम || से लेकर ।।-सिद्ध करें हनुमान ।। तक एक बैठक में ही इसकी एक माला (108 पाठ) जय करनी है। गूगुल की सुगन्धि देकर जिस घर में बजरंग बाण का नियमित पाठ होता है, वहाँ दुर्भाग्य, दारिद्र्य, भूत-प्रेत का प्रकोप और असाध्य शारीरिक कष्ट आ ही नहीं पाते। समयाभाव में जो व्यक्ति नित्य पाठ करने में असमर्थ हो, उन्हें कम से कम प्रत्येक मंगलवार को यह जम अवश्य करना चाहिए।
हनुमान जी के अनुष्ठान में अथवा पूजा आदि में दीपदान का विशेष महत्त्व होता है।
पाँच अनाजों (गेहूँ, चावल, गूँग, उड़द और काले तिल) को अनुष्ठान से पूर्व एक-एक मुट्ठी प्रमाण में लेकर शुद्ध गंगाजल में भिगो दें।
अनुष्ठान वाले दिन इन अनाजों को पीसकर उनका दीया बनाएँ। दीपक की बत्ती के लिए अपनी लम्बाई के बराबर कलावे का एक तार लें अथवा एक कच्चे सूत को लम्बाई के बराबर काटकर लाल रंग में रंग लें। इस धागे को पाँच बार मोड़ लें। इस प्रकार के धागे की बत्ती को सुगन्धित तिल के तेल में डालकर प्रयोग करें। समस्त पूजा काल में यह दिया जलता रहना चाहिए। हनुमानजी के लिये गुगुल की धूनी की भी व्यवस्था रखें। जप के प्रारम्भ में यह संकल्प अवश्य लें कि आपका कार्य जब भी होगा, हनुमानजी के निमित्त नियमित कुछ भी करते रहेंगे। अब शुद्ध उच्चारण से हनुमान जी की छवि पर ध्यान केन्द्रित करके बजरंग बाण का जाप प्रारम्भ करें।
॥ श्रीराम || से लेकर ।।-सिद्ध करें हनुमान ।। तक एक बैठक में ही इसकी एक माला (108 पाठ) जय करनी है। गूगुल की सुगन्धि देकर जिस घर में बजरंग बाण का नियमित पाठ होता है, वहाँ दुर्भाग्य, दारिद्र्य, भूत-प्रेत का प्रकोप और असाध्य शारीरिक कष्ट आ ही नहीं पाते। समयाभाव में जो व्यक्ति नित्य पाठ करने में असमर्थ हो, उन्हें कम से कम प्रत्येक मंगलवार को यह जम अवश्य करना चाहिए।
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अगर आप के सात्विक भाव मुझ तक पहुचते है तो मुझे मेरे कार्य आपकी सेवा में अति आनंद की अनुभूति होगी 🙏🏻
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