Dr. Neha Das
Dr. Neha Das

@neha_laldas

5 Tweets 16 reads Jan 03, 2025
क्या आप जानते हैं?
-ज्योतिराव फुले ने "मानव मोहम्मद" नामक एक कविता लिखी थी, जिसमें मोहम्मद की तारीफ की थी?
कविता का मराठी से हिंदी अनुवाद👇
"मोहमंद एक असली मर्द था संसार के लिए त्याग किया।
सत्य के लिए त्याग दिया।
सबको समझाया कि खोटा (झूठा) धर्म छोड़ो। इसका जन्म इसलिए हुआ था।
जग के हित के लिए लिखा कुरान
कोई भेद नहीं ..सभी मानव हैं।
उसने मूर्ति पूजकों एवम् मूर्ति को नष्ट किया।
सभी ढोंगीयों को सिखाया।
ईसा की ओर झुकाया।
देव एक है ऐसा ग्रंथ स्थापित किया...जग बन्धुत्व के लिए... मनुजो के लिए।"
Source: ज्योति फुले वांग्मय, पृष्ठ 607
अपनी किताब "ग़ुलामगिरी" में ज्योतिराव फुले ने लिखा है:
1. ब्राह्मण ईरान से आये थे।
2. भगवान परशुराम ने महारों को मार डाला और उन्होंने महार और मांग महिलाओं के गले में खौलता हुआ तेल और सिन्दूर डाल दिया। यह तब तक जारी रहा जब तक मुस्लिम शक्तियों ने इसे बंद नहीं कर दिया। x.com
ज्योतिराव फुले लिखते हैं:
"ईसा मसीह के अनुयायी अमेरिकी और स्कॉटिश मिशनरियों ने शूद्रों की इतनी परवाह की कि उन्हें मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपनी मातृभूमि छोड़ दी। इसलिए ब्राह्मण अंग्रेजों को देश से भगाना चाहते हैं! इसी वजह से ब्राह्मण शूद्रों को ईसा मसीह (अंग्रेजी सरकार) के अनुयायियों के खिलाफ लड़ने के लिए उकसा रहे हैं।"
ज्योतिराव की किताब में देवी गायत्री को "यावनी (outsider non indian women)", ब्राह्मण को "भाटमुल्ला", भगवान विष्णु के वामन अवतार को "बंब्या (illiterate)", "घातकी (one who deceives)", "लबाड (Liar)" और "कृतघ्न (ungrateful)" बताया गया है! x.com
इसी किताब में नरसिंह अवतार के बारे में कहा गया है कि
"नरसिंघामध्ये या आपल्या पुण्यातील एका शेणपुंजया रांडेइतकी अक्कल नव्हती"
यानी -
नरसिंह अवतार के पास पुणे की "...." जितना भी दिमाग नहीं ("..." शब्द क्या है आप ख़ुद पढ़ सकते हैं)👇 x.com

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